Pratapgarh News :- People protest for making Bridge from chamroudha river jageshar ganj in pratapgarh |BPL NEWS HINID

आज बात 21 सदी के उस भारत की जंहा के लोग 19वीं सदी में जीने को मजबूर है यंहा लोग जगरूर होकर भी न तो अपना और न ही समाज का विकास कर सकते है क्यों की समाज के विकास में सबसे बड़ा योगदान बिजली पानी और सड़क है !लेकिन जंहा लोग  बांस के बनी चहली से ही अपने गांव में प्रवेश करते हो उस का विकास कैसे हो सकता है वंहा के बच्चो का  भविष्य क्या होगा ! ये आप समझ सकते है




हम बात उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के जगेशर गंज इलाके की कर रहे है यंहा आज के इस कथित २१वीं में
लगभग 30 गांव के25000े लोग बांस के बनी एक चहली से आने जाने
 जाने को मजबूर है जिसमे की आज तक पचासों लोग नदी में गिरकर जान गँवा चुके है लेकिन न तो पिछली सरकार ने और न ही योगी सरकार का इस pा ध्यान जा रहा है क्यों की ये मुद्दा किसी बड़े शहर का नहीं ये मुद्दा किसी बड़े नेता के इलाके का नहीं है इस ये सरकार की नजर में नहीं आ रहा है
अभी हाल ही में एक शिक्षक अपनी बाइक से इस नदी से गुजर रहे थे तभी अचानक बैलेंस बिगड़ने से नदी में जा गिरे नदी का बहाव इतनी तेज था की उनको 5 km तक बहा ले गया गांव वालो के काफी ढूढने के बाद लास मिली जिसको लेकर गांव के लोग अब पुल बनवाने पर अड़ गए है उनका कहना है की सरकार या तो पुल बनवाए या फिर में हमे जल समाधी की अनुमति दे उनका कहना की बच्चे पड़ने जाते है तो बांस की बनी इस चहली को पार करके जाते है लोगो को कंही काम करनेजाना होता है तो इस चहली को पार करके जान होता है परिवार के लोग हमेशा डर के साये में जीने को मजबूर है की बच्चा पड़ने जा रहा है कंही नदी में न गिर जाये

पुल बनवाने के लिए गावं के लोग लगातार धरना प्रदर्शन कर रहे है लेकिन सरकार फिल हाल अभी सुनने को तैयार नहीं है
सवाल यही है की चम्रोधा



\ालाँकि अब देखने की बात होती है की शिक्षक की मौत और गांव वालो के धरना प्रदर्शन से पुल बनता है या फिर सरकार किसी और की मौत होने का इन्तजार करेगी !


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